Mahoba News: अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ,भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर गुरुवार को जनपद महोबा में आशा संगिनियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। राष्ट्रीय कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार देशभर के जिला मुख्यालयों पर हो रहे इस प्रदर्शन में आशा कर्मियों ने नियमित वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और एनएचएम में संविलियन की प्रमुख मांग उठाई। आशा कार्यकर्ताओं की मांग महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 30 और 31 जून 2026 को पुणे, महाराष्ट्र में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी। इसमें देशभर से आए पदाधिकारियों ने आशा कर्मियों की लंबित समस्याओं पर चर्चा कर आंदोलन का निर्णय लिया। उसी निर्णय के तहत गुरुवार को महोबामें ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि एनएचएम के तहत देशभर में 10 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ता मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जनस्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता, पोषण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें वेतन नहीं बल्कि केवल प्रोत्साहन राशि पर काम करना पड़ रहा है। आंदोलन की चेतावनी आशा कर्मियों ने आरोप लगाया कि 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा इंसेंटिव दोगुना करने की घोषणा हुई थी, लेकिन अधिकांश कार्यों का मानदेय आज भी नहीं बढ़ा। इससे कर्मियों में भारी निराशा है। आशा संगिनियों ने कहा कि सरकार उनके योगदान को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक वेतन और कर्मचारी का दर्जा दे। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो महासंघ आगामी समय में व्यापक आंदोलन करेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आशा संगिनी मौजूद रहीं। ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया। ये भी पढ़ें: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ, 3 तहसीलों में 60 शिक्षकों को मिले कार्ड